क्यूँ ऐसे लोग भी होते हैं जिन्हें कभी किसी की फिक्र नहीं,
और नहीं मानते कभी वो औरों की भी कही बातों को सही.
हर वक्त, हर दम बस ढूँढा करते हैं वो औरों की ख़ामिया,
और नहीं देखते हैं की उनके अन्दर हैं कितनी कमियां,
क्यूँ करते हैं बातें वो जो शूल सी दिल को चुभती हैं,
और लाती हैं रिश्तों में सिर्फ हमेशा के लिए दूरियां.
और ऐसे ही रिश्तों में दूरी या कोई दरार जब आती है,
तो कुछ भी कहने या सुनने की मुश्किल सी हो जाती है.
काश की वो समझें इस दुनिया की उस पुरानी रीत को,
जो बोता है, वही पाता है, तेरा किया तेरे आगे आता है.
This sketch is made on a normal A4 size paper with 2b pencil and highlights with eraser.
Hope u all like.
Stay happy and stay together!!!!
